उत्तर प्रदेश : प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सबसे ज्यादा असर गोरखपुर में देखने को मिला, जहां शुक्रवार देर रात से शनिवार सुबह तक महज छह घंटे में करीब 110 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, कॉलोनियों और गलियों में कई फीट तक पानी भर गया, जबकि कई घरों और दुकानों में भी बारिश का पानी घुस गया। जिला अस्पताल की ओपीडी तक जलमग्न हो गई, जिससे मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शाहपुर क्षेत्र में राप्ती कॉम्प्लेक्स के पास नाला ओवरफ्लो होने से ग्राउंड फ्लोर की 200 से अधिक दुकानों में पानी भर गया। कई प्रमुख चौराहों पर चार फीट तक जलभराव होने से वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। वहीं सरयू नहर टूटने से आसपास के कई बीघा कृषि क्षेत्र में पानी भर गया, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
गोरखपुर के अलावा बरेली, आगरा, लखीमपुर सहित कई जिलों में भी लगातार बारिश हो रही है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों पर असर दिखाई दे रहा है, जबकि प्रयागराज में संगम क्षेत्र में प्रशासन लगातार लोगों को नदी से दूर रहने की चेतावनी दे रहा है। बलिया और बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जिससे दर्जनों गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 75 शहरों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। 31 जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून फिर से सक्रिय हो चुका है और आने वाले दिनों में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बेहद जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें और जलभराव तथा नदी किनारे वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरतें।
